Saturday, January 24, 2009

KAT JAYEGI KYA INTEZAAR ME


कट जायेगी क्या इंतज़ार में बाकी की ये उमर ?
आख़िर कब होगी नज़र-ए-इनायत इस दिल पर ?
कभी हमारा ख़याल तक नही आता क्या उनको ?
या दिल पर रख कर बैठे हैं वो अपने पत्थर ??

--गोपाल के.

2 comments:

Yogesh said...

Doesn't give me a feel, that GOPAL has written this...

Bhai, this one is not upto your mark...

रश्मि प्रभा said...

jinhe hum dil se pyaar karte hain
wo aksar hamen intzaar ki saugaat de jate hain...........
bahut hi achi kshanika

YE MAI HU-- GOPAL

LOVE MATCH


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