Monday, April 9, 2012

लहरें



लहरें
सहसा झकझोर जाती हैं
अंतर्मन को
यादों की डोर
तोड़ कर
अपनी शक्ति का
आभास दिलाती हैं
अपने शोर से
डराती हैं
अपनी विशालता से
इंसान के
सर्वश्रेष्ट होने के
अहं पर चोट करती हैं
और कहती हैं
देख मुझे
सुन मुझे
मेरा एहसास कर
और मेरे हर प्रयास को
खुद में महसूस कर
मै बार-बार चट्टानों पर
आकर सर नहीं पटकती
मै पत्थर का गुरुर
करती हूँ चकनाचूर
होता सख्त और मजबूत
अपनी जगह
जम कर बैठा हुआ
पर मेरे आगे
ये भी पानी भरता है
देख इनको गौर से
इनमे मेरे बनाए निशानों को
और इनमे से कई चट्टानों को तो
मैंने ही काटा है
दो -चार हिस्सों में बांटा है..
इसको भी बहुत घमंड था
अपनी मजबूती पर
लेकिन मैंने इसे तोडा
साथ ही इसके घमंड को भी
और किस से?
सिर्फ जल और वायु से
इनको खुद में समाहित कर के
मैंने जाने कितनो के घमंड तोड़े हैं
कितनों को दिशा दी है
कितनो को मंजिल तक पहुचाया है
और जाने कितनो को सीख दी है
आ देख मुझे तू भी
और बन मेरे जैसा
छोड़ कर अहंकार और तृष्णा
तू भी बढ़ा चल
तू भी चला चल
अकेला ही सही..!

–> गोपाल के.

कई सवाल





सुबह का इंतजार
रात की कािलमा भी करती है
क्या वो भी
अंधेरों से डरती है?
िसतारों भरी नीली चादर तानकर
जब सूरज सोता है,
तब वो भी क्या हज़ारो की भीड़ में
तनहा होता है?
दूर पहाड़ी से आँख मलते हुए
जब सूरज उगता है
तो क्या उसकी भी आँखों को
सूरज चुभता है?
सरसराती पत्तों को जब
हवा उडाती है,
तो क्या उसको भी
िकसी की याद आती है?
रिमझिम बारिश की फुहारें
जब अंतस को िभगाती हैं,
तो क्या बारिश की बूँदें भी
कुछ गुनगुनाती हैं?
जब मेघ के बादल घुमड़ते हैं,
तो क्या उसके मन में भी
कई सवाल उमड़ते हैं?

– गोपाल के.


Tuesday, May 26, 2009

Monday, May 18, 2009



WO NA KUCHH BHI BATAA KAR GAYE,
HAAYE, HUM KYA KHATAA KAR GAYE?

KAHTE THE HUM NAHI ROOTHTE,
TO PYAAR KYUn NA JATAA KAR GAYE?

SARI DUNIYA SATAATI MUJHE,
AAP BHI TO SATAA KAR GAYE..!!

MAINE BOLA THA LAGTI HAI "PYAAS",
"JAAM" MUJHKO THAMAA KAR GAYE..!!

--GOPAL K.

Tuesday, April 28, 2009

SATAAYA NA KARO

अपने हर राज हमसे छुपाया ना करो,
पर हर बात सभी को बताया ना करो..

मै पहले से ही परेशां हूँ बहुत सच में,
तुम मुझे अब और सताया ना करो..

दिल पर लगते हैं तो ये धुलते नहीं,
दिल पे कोई दाग लगाया ना करो..

ये आग लगती तो है पर बुझती नहीं,
तुम इश्क की आग लगाया ना करो..

अरमान भी सो चले ख्वाबों की तरह,
तुम इन्हें फिर से जगाया ना करो..

वादे करते हो तोड़ देते हो मगर,
मुझसे झूठी कसमे खाया ना करो.
.
याद करना भी सीख लो मुझसे,

या तो फिर याद ही आया ना करो..

--गोपाल के.

Monday, April 6, 2009

KHUDA HO GAYA


NAZROn ME AISA JAADU THA
KI DIL YE FIDA HO GAYA,
HAR GAM TUJHE DEKHTE HI
MERI KISMAT SE JUDA HO GAYA..
HAR GHADEE, HAR WAQT BAS,
MAIn SOCHTA HU BAS TUMHE,
TERE SAJDE ME HAI DIL MERA,
TU AB MERA KHUDA HO GAYA..!!
--GOPAL K.

Monday, March 23, 2009

YAHI TO PYAR HAI PYAARE

KHAAMOSH NIGAAHOn SE JAB BAAT HONE LAGE,
AANKHEin BAND KAR KE JAB MULAKAAT HONE LAGE..
ISI KO PYAR KAHTE HAIn YAHI TO PYAR HAI PYARE,
KISI KE SATH JAB IS TARAH KE HAALAAT HONE LAGE..
--GOPAL K

Tuesday, March 10, 2009

DIL KI KASHTI MOHABBAT KE
KINAARE TAK LAAYI NA GAYI,
ISHQ THA TO SATH MARNE KI
QASAME KYUn KHAAYI NA GAYI?

MERE DIL SE KHEL KAR
ISE TOD DIYA JEE BHAR JANE PAR,
WAFAA AATI HI NAHI THI TUMHE
YA BAS NIBHAYI NA GAYI?

--GOPAL K.

Friday, March 6, 2009

TUJHKO MAI IS SAAM RANG DU


तुझको मै इस साल रंग दूँ,
हरा, नीला और लाल रंग दूँ..
तेरे पीछे आऊं चुपके से,
और मै तेरे गोरे गाल रंग दूँ..
--गोपाल के.

Sunday, February 15, 2009

AADAT NAHI RAHI


WO PAHLE JAISI DIL ME TERE CHAAHAT NAHI RAHI,
ACHHA HUA JO AB MERI TUJHE AADAT NAHI RAHI..!
MERE PYAR ME TUM BHI DEEWANE THE MERI TARAH,
PYAR NA RAHA DIL ME AUR WO HAALAT NAHI RAHI..!!

--GOPAL K.

YE MAI HU-- GOPAL

LOVE MATCH


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